पंजाबः डेरा बाबा नानक में हटाई दूरबीन, करतारपुर साहिब के दर्शन न होने से श्रद्धालुओं में रोष

पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए डेरा बाबा नानक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थापित की गई दूरबीन हटा दी गई है। ऐसा होने से दूरबीन से गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में रोष है। कड़ी शर्तों के कारण गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए पाकिस्तान जाने में असमर्थ श्रद्धालु अब दूरबीन से भी दर्शन करने की सुविधा से वंचित हो जाएंगे।पिछले दो दिन से श्रद्धालु दूरबीन से दर्शन न कर पाने से निराश होकर लौट रहे हैं। तरनतारन निवासी हरिंदर सिंह पत्नी मनजीत कौर के साथ दर्शन स्थल पर पहुंचे थे। हरिंदर सिंह ने कहा कि उनके जैसे श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के दूरबीन से दर्शन करके अपनी धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करते थे, लेकिन अब अधिकारियों ने दूरबीन हटा दी है।

2008 में स्थापित की गई थी दूरबीन

डेरा बाबा नानक की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग साढ़े चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करवाने की परंपरा शुरू की गई थी। इसके लिए दूरबीन स्थापित की गई, जिसका उद्घाटन बाबा सुखदीप सिंह ने 6 मई, 2008 को किया था।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थापित दूरबीन से दर्शन करने की व्यवस्था और प्रबंध सीमा सुरक्षा बल द्वारा किया जाता रहा है। पठानकोट निवासी गुरप्रीत कौर ने कहा कि सरकार ने उन लोगों के लिए तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए गलियारा खोला है, जो 20 अमरीकी डॉलर की फीस देने में समर्थ है। लेकिन जो फीस देने में समर्थ नहीं हैं, वे क्या करें। दूरबीन हटाकर उन्हें दर्शन करने से वंचित कर दिया गया है।

प्रबंध करने में आ रही थी मुश्किल

बाबा सुखदीप सिंह ने कहा कि बीएसएफ को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर श्रद्धालुओं के सैलाब का प्रबंध करने में कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा था। दूरबीन से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए लोग अपनी गाड़ियों से आते थे। वे गाड़ियों को करतारपुर कॉरिडोर के मुख्य गेट पर छोड़ कर दूरबीन से दर्शन करने जाते थे।

ऐसा होने से वहां भीड़ हो जाती थी और बीएसएफ को मुस्तैद रहना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा, लेकिन बाबा सुखदीप सिंह ने बीएसएफ अधिकारियों से एक बार फिर दूरबीन स्थल पर एक पोस्ट के निर्माण का प्रस्ताव रखा है।

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