CBSE एक महीने के भीतर घटे सिलेबस के साथ होगी तैयार : बोर्ड चेयरमैन

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी को देखते हुए पाठ्यक्रम में कटौती कर छात्रों कोर राहत पहुंचाने की दिखा में काम कर रहा है। बोर्ड के चेयरमैन मनोज बहूजा ने शुक्रवार को बताया कि घटा हुआ सिलेबस अगले एक महीने में तैयार कर लिया जाएगा।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (CBSE) कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी को देखते हुए पाठ्यक्रम में कटौती कर छात्रों कोर राहत पहुंचाने की दिखा में काम कर रहा है। बोर्ड के चेयरमैन मनोज बहूजा ने शुक्रवार को बताया कि घटा हुआ सिलेबस अगले एक महीने में तैयार कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में अचानक कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है कि जिससे अनिश्चितता और कन्फ्यूजन पैदा हो। जैसे-जैसे सीख मिलती जा रही है वैसे-वैसे पाठ्यक्रम में सुधार होता जा रहा है। बोर्ड चेयरमैन मनोज अहूजा ने यह बात वर्चुअल कॉन्फ्रेंस (Future of Schools: Overcoming COVID-19 challenge and beyond) के दौरान कही। यह कॉन्फ्रेंस अशोक विश्वविद्यालय की ओर आयोजित की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि हम पाठ्यक्रम में सुधार करते जा रहे हैं। हम विषय में मुख्य तत्व जो कि शिक्षा के लि ए  बहुत जरूरी हैं उन्हें बनाने रखने की योजना बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में अचानक कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है कि जिससे अनिश्चितता और कन्फ्यूजन पैदा हो। जैसे-जैसे सीख मिलती जा रही है वैसे-वैसे पाठ्यक्रम में सुधार होता जा रहा है। बोर्ड चेयरमैन मनोज अहूजा ने यह बात वर्चुअल कॉन्फ्रेंस (Future of Schools: Overcoming COVID-19 challenge and beyond) के दौरान कही। यह कॉन्फ्रेंस अशोक विश्वविद्यालय की ओर आयोजित की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि हम पाठ्यक्रम में सुधार करते जा रहे हैं। हम विषय में मुख्य तत्व जो कि शिक्षा के

लिए  बहुत जरूरी हैं उन्हें बनाने रखने की योजना बना रहे हैं।

यह इस पर भी ध्यान दे रहे हैं कि यदि ऐसा कोई टॉपिक है जो किसी रूप में रिपीट हो रहा है या जिसके लिए ज्यादा काम करना पड़ रहा है उसे हम करने करने की कोशिश कर रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड चाहता है कि ज्यादा थ्योरी पढ़ाने की बजाए छात्रों को प्रक्टिकल तरीके से समझाया जाना चाहिए। यही हम योजना बना रहे हैं और अगले एक महीने में इसे अंतिम रूप दे देंगे। इससे पहले अप्रैल में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ऐलान किया था कि अगले शैक्षिक सत्र के लिए सीबीएसई घटा हुए पाठ्यक्रम तैयार करेगी। जिसके कोरोना वायरस संकट के दौरान में हुए नुकसान की भरपाई की जाए सके। कोरोना वारयस (COVID-19) की वजह से जितना समय बर्बाद हो रहा है उसी रेशियो में पाठ्यक्रम कम किया जाएगा। एचआरडी मंत्री वैकल्पिक कैलेंडर का भी सुझाव दिया था जिसमें लॉकडाउन के दौरान सीखने के लिए विभिन्न ग्रेड्स दिए जाने की बात कही थी।

आपको बता दें कि देशभर के स्कूल और विश्वविद्यालयों में 16 मार्च से कक्षाएं बंद हैं। सरकार ने 16 मार्च से स्कूलों में छात्रों को बुलाने पर रोक लगा दी थी जिससे कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। इसके बाद 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान हुआ जिससे सभी परीक्षाएं और शैक्षिक गतिविधियां बंद हो गई थीं।यह इस पर भी ध्यान दे रहे हैं कि यदि ऐसा कोई टॉपिक है जो किसी रूप में रिपीट हो रहा है या जिसके लिए ज्यादा काम करना पड़ रहा है उसे हम करने करने की कोशिश कर रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड चाहता है कि ज्यादा थ्योरी पढ़ाने की बजाए छात्रों को प्रक्टिकल तरीके से समझाया जाना चाहिए। यही हम योजना बना रहे हैं और अगले एक महीने में इसे अंतिम रूप दे देंगे।

इससे पहले अप्रैल में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ऐलान किया था कि अगले शैक्षिक सत्र के लिए सीबीएसई घटा हुए पाठ्यक्रम तैयार करेगी। जिसके कोरोना वायरस संकट के दौरान में हुए नुकसान की भरपाई की जाए सके। कोरोना वारयस (COVID-19) की वजह से जितना समय बर्बाद हो रहा है उसी रेशियो में पाठ्यक्रम कम किया जाएगा। 

एचआरडी मंत्री वैकल्पिक कैलेंडर का भी सुझाव दिया था जिसमें लॉकडाउन के दौरान सीखने के लिए विभिन्न ग्रेड्स दिए जाने की बात कही थी।

आपको बता दें कि देशभर के स्कूल और विश्वविद्यालयों में 16 मार्च से कक्षाएं बंद हैं। सरकार ने 16 मार्च से स्कूलों में छात्रों को बुलाने पर रोक लगा दी थी जिससे कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। इसके बाद 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान हुआ जिससे सभी परीक्षाएं और शैक्षिक गतिविधियां बंद हो गई थीं।


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