कोरोना का असर: एंटीबायोटिक की बिक्री हुई कम, क्या कम बीमार पड़ रहे लोग?

लॉकडाउन का असर दवाइयों की आपूर्ति पर भले ही ना पड़ा हो लेकिन दवाइयों की बिक्री इससे ज़रूर प्रभावित हुई है.

कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन में एंटीबायोटिक समेत कई और दवाओं की बिक्री में कमी आई है. लोग अब पहले की तरह एंटीबायोटिक दवाएं नहीं ख़रीद रहे हैं.

इंडियन फार्मासिस्ट असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी भूपेंद्र कुमार बताते हैं कि पहले के मुक़ाबले दवाओं की बिक्री में कमी देखी गई है. ये कमी अप्रैल और मई महीने में आई है. ख़ासतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री कम हुई है.

लॉकडाउन का असर दवाइयों की आपूर्ति पर भले ही ना पड़ा हो लेकिन दवाइयों की बिक्री इससे ज़रूर प्रभावित हुई है.कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन में एंटीबायोटिक समेत कई और दवाओं की बिक्री में कमी आई है. लोग अब पहले की तरह एंटीबायोटिक दवाएं नहीं ख़रीद रहे हैं.इंडियन फार्मासिस्ट असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी भूपेंद्र कुमार बताते हैं कि पहले के मुक़ाबले दवाओं की बिक्री में कमी देखी गई है. ये कमी अप्रैल और मई महीने में आई है. ख़ासतौर पर एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री कम हुई है.

भूप्रेंद कुमार ने बताया, “हमें बाज़ार से फीडबैक मिला है कि लोग अब छोटी-मोटी बीमारियों के लिए दवाएं कम ख़रीद रहे हैं. ऑगमेंटीन, सेफोरॉक्सिम और सेफिक्ज़िम जैसे एंटीबायोटिक दवाओं कि बिक्री कम हुई है. इसके अलावा माइग्रेन, डायबिटीज़ और दौरे जैसी बीमारियों के लिए ली जाने वाली दवाएं भी कम बिक रही हैं. पेन किलर की ख़रीद भी कम हुई है.”भूप्रेंद कुमार ने बताया, “हमें बाज़ार से फीडबैक मिला है कि लोग अब छोटी-मोटी बीमारियों के लिए दवाएं कम ख़रीद रहे हैं. ऑगमेंटीन, सेफोरॉक्सिम और सेफिक्ज़िम जैसे एंटीबायोटिक दवाओं कि बिक्री कम हुई है. इसके अलावा माइग्रेन, डायबिटीज़ और दौरे जैसी बीमारियों के लिए ली जाने वाली दवाएं भी कम बिक रही हैं. पेन किलर की ख़रीद भी कम हुई है.”

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