ऑनलाइन क्लास से खुल रही स्कूलों की पोल, सीबीएसई से बना रहे बहाना

कई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई इसलिए अब तक शुरू नहीं की, क्योंकि ऑनलाइन में एक साथ केवल 40 बच्चे पढ़ सकते हैं। इससे इन स्कूलों की पोल खुल जाएगी। हकीकत में इन स्कूलों में एक कक्षा में 60 विद्यार्थी हैं। अब 20 छात्रों की संख्या सीबीएसई से छुपाने के लिए नेटवर्क कमजोर होने का बहाना बना रहे हैं। बोर्ड बार-बार ऑनलाइन क्लास शुरू करने को कह रहा है। यह स्थिति कोई एक नहीं है, बल्कि कई स्कूलों की है। जहां पर 40 की जगह 60 से 65 विद्यार्थी हैं। मगर अब ऑनलाइन क्लास कराने में इनकी पोल खुल रही है। ज्ञात हो कि सीबीएसई ने जो एप डाउनलोड कर क्लास कराने का सिस्टम भेजा है, वह एक साथ 35 से 40 विद्यार्थी के लिए ही है। 40 से अधिक विद्यार्थी होंगे तो एप काम नहीं करेगा। ऐसे में कई स्कूलों को यह परेशानी झेलना पड़ रही है। अभी स्कूल के शिक्षक अपने-अपने घरों से ही एप से सभी बच्चों को जोड़कर पढ़ा रहे हैं। इस एप में एक साथ केवल 40 बच्चे ही जुड़ पाते हैं।सीबीएसई 10वीं 12वीं परीक्षा: छठे विषय के रूप में होगी क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाईस्कूल लगा रहे जुगाड़ बाकी विद्यार्थी भी ऑनलाइन क्लास करें, अब इसके लिए कई स्कूल जुगाड़ भी लगा रहे हैं। कई स्कूल अल्टरनेट क्लास की सुविधा दे रहे हैं। आधे बच्चे को एक दिन और आधे बच्चे को दूसरे दिन कक्षा की सुविधा मिल रही है। इसके अलावा शिक्षक वीडियो बनाकर बच्चों को भेज रहे हैं, ताकि वीडियो से संबंधित चैप्टर की पढ़ाई हो पाए।रोज की बोर्ड लेगा रिपोर्ट सीबीएसई की मानें तो स्कूल के ऑनलाइन क्लास की रिपोर्ट ली जायेगी। अप्रैल में कितने दिन ऑनलाइन क्लास चलीं। कितने विद्यार्थी इसमें शामिल हुए। कौन-कौन से चैप्टर पढ़ाए गए। इसके अलावा टीचर का नाम और उनके क्लास की जानकारी भी बोर्ड लेगा। टीचर ने पढ़ाने में किन तकनीकी की मदद ली।

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